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मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने नागपट्टिनम में की छापेमारी
Chennai चेन्नई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तमिलनाडु में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मदुरै उप-जोनल कार्यालय की टीम ने 3 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत नागपट्टिनम जिले में छह आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई साइकोट्रॉपिक पदार्थों यानी मेथामफेटामाइन और गांजा की अवैध तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित अवैध धन का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान संबंधित परिसरों और दस्तावेजों की जांच की गई। हालांकि, कार्रवाई के दौरान बरामदगी या जब्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी एजेंसी की ओर से अभी साझा नहीं की गई है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में यह जांच करती है कि अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए किसी तरह का वित्तीय लेनदेन या संपत्ति निर्माण तो नहीं किया गया। इसी क्रम में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में भी एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है।
मेथामफेटामाइन और गांजा जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी को लेकर देशभर में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे मामलों में तस्करी से जुड़े नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जाती है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। एजेंसी संबंधित लोगों के वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियों और संभावित नेटवर्क की जांच कर सकती है।
गौरतलब है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कई बार अवैध कमाई को छिपाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में PMLA के तहत कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियां संपत्तियों और आर्थिक ग तिविधियों पर नजर रखती हैं। फिलहाल नागपट्टिनम जिले में की गई इस कार्रवाई को ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ ईडी की बड़ी पहल माना जा रहा है। जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई के लिए जुटाए गए सबूतों और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है।
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